चुनाव लड़ने वालों के लिए अलर्ट! पंचायत सीटों का नया फॉर्मूला आया : रंजीत कुमार


पटना:
बिहार में त्रिस्तरीय पंचायत आम चुनाव 2026 लड़ने की तैयारी कर रहे संभावित उम्मीदवारों के लिए बड़ी खबर है। पंचायत चुनाव में आरक्षण रोस्टर के निर्धारण के तरीके में बदलाव की जानकारी सामने आई है।
पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश के अनुसार, पंचायत चुनाव में सीटों का आरक्षण अब प्रखंड स्तरीय जनसंख्या के आधार पर तय किया जाएगा। इसके लिए 2011 की जनगणना को आधार बनाया जाएगा।
मंत्री के अनुसार, आरक्षण तय करने में संबंधित प्रखंड की कुल आबादी और विभिन्न वर्गों की जनसंख्या अनुपात को ध्यान में रखा जाएगा।
कैसे समझें नया फॉर्मूला?मान लीजिए किसी प्रखंड की कुल आबादी 1 लाख है और वहां मुखिया की 10 सीटें हैं। अगर उस प्रखंड में अनुसूचित जाति (SC) की आबादी 20% है, तो 10 सीटों में लगभग 20% यानी 2 सीटें अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित की जा सकती हैं।इस बदलाव का सीधा असर पंचायत चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हजारों दावेदारों पर पड़ सकता है, क्योंकि अब आरक्षण का गणित स्थानीय जनसंख्या संरचना के हिसाब से तय होगा।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस फैसले से कई क्षेत्रों में सीटों की आरक्षण स्थिति बदल सकती है, जिससे पुराने दावेदारों की रणनीति प्रभावित होगी और नए समीकरण बनेंगे।फिलहाल पंचायत चुनाव 2026 को लेकर संभावित उम्मीदवारों में इस फैसले को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
