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अररिया में ग्राम रक्षा दल की आवाज़ बुलंद, मानदेय और सम्मान की मांग को लेकर सैकड़ों लोग जुटे

Chief Editor Ranjeet Kumar May 14, 2026 1 मिनट का पाठ

अररिया जिला में ग्राम रक्षा दल के मुद्दों को लेकर आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में सैकड़ों की संख्या में ग्राम रक्षा दल के सदस्य और संबंधित लोग शामिल हुए। बैठक में Desi Tantra Media की टीम ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई और ग्राम रक्षा दल के लोगों को उनके अधिकारों, सोशल मीडिया की ताकत और संगठित संघर्ष के महत्व को लेकर जागरूक किया।

बैठक के दौरान यह संदेश दिया गया कि यदि ग्राम रक्षा दल अपने हक और सम्मान की लड़ाई को मजबूत करना चाहते हैं, तो उन्हें एकजुट रहना होगा और संगठन के भीतर मौजूद आंतरिक मतभेद, आंतरिक द्वेष और खींचतान की भावना को त्यागना होगा। वक्ताओं ने कहा कि किसी भी जनआंदोलन की सबसे बड़ी ताकत उसकी एकजुटता होती है और बिखराव से केवल व्यवस्था को फायदा मिलता है।

Desi Tantra Media द्वारा जब इस मुद्दे को प्रमुखता से प्लेटफॉर्म पर उठाया गया, तो विभिन्न विभागों से प्रतिक्रिया आने लगी। सूत्रों के अनुसार, कुछ अधिकारियों ने बताया कि ग्राम रक्षा दल से संबंधित पत्र विभाग तक पहुंच चुका है, लेकिन स्थानीय स्तर पर स्पष्ट दिशा-निर्देश के अभाव में प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही है, जिसके कारण ग्राम रक्षा दल के सदस्यों को लगातार समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

इसी बीच पटना से जॉइंट सेक्रेटरी स्तर के अधिकारी ने जानकारी दी कि इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी किए जा चुके हैं। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि यदि सभी पक्ष मिलकर बातचीत करेंगे, तो समाधान का रास्ता निकाला जा सकता है।

इस बयान से बैठक में मौजूद लोगों के बीच उम्मीद की एक नई किरण जगी है।बैठक में मौजूद ग्राम रक्षा दल के सदस्यों ने अपनी पीड़ा साझा करते हुए कहा कि वर्षों से सेवा देने के बावजूद उन्हें न तो आर्थिक सुरक्षा मिली है और न ही सामाजिक सम्मान। उनका कहना था कि ग्राम सुरक्षा व्यवस्था में अहम भूमिका निभाने के बावजूद कई बार उन्हें समाज में मजाक का पात्र बना दिया जाता है।

बैठक में सैकड़ों की संख्या में पहुंचे लोगों ने सरकार से मांग की कि ग्राम रक्षा दल के मानदेय को जल्द तय किया जाए और उनकी भूमिका को औपचारिक सम्मान दिया जाए। उपस्थित लोगों का मानना था कि ग्राम रक्षा दल केवल ड्यूटी करने वाला समूह नहीं, बल्कि गांवों की सुरक्षा व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसे पहचान और सम्मान मिलना चाहिए।अब ग्राम रक्षा दल की निगाहें सरकार और विभागीय पहल पर टिकी हैं। सवाल यही है कि क्या इस बार वर्षों से उपेक्षा झेल रहे इन लोगों को सम्मान, मानदेय और अधिकार मिलेगा, या फिर यह उम्मीद भी आश्वासनों की फाइलों में दबकर रह जाएगी।

Chief Editor Ranjeet Kumar

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