UPSSC AGTA भर्ती में आरक्षण को लेकर विवाद, भीम आर्मी ने उठाए सवाल

उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSC) द्वारा कृषि विभाग में तकनीकी सहायक (AGTA) के 2759 पदों पर निकाली गई भर्ती अब विवादों में घिरती नजर आ रही है। भर्ती में वर्गवार सीटों के वितरण को लेकर सामाजिक संगठनों ने गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

जारी आंकड़ों के अनुसार, सामान्य वर्ग (UR) को 1692 (61%), ओबीसी को 573 (21%), ईडब्ल्यूएस को 275 (10%), एससी को 213 (8%) और एसटी को मात्र 6 (0%) सीटें दी गई हैं। जबकि आरक्षण के तय मानकों के अनुसार ओबीसी को 27% यानी करीब 745, एससी को 21% यानी 579 और एसटी को 2% यानी 55 सीटें मिलनी चाहिए थीं।इस अंतर को लेकर आरोप लगाया जा रहा है कि रोस्टर प्रणाली के नाम पर आरक्षित वर्गों के हिस्से की सीटों में कटौती की गई है।

खास बात यह है कि केवल ईडब्ल्यूएस वर्ग को ही लगभग तय प्रतिशत के अनुसार सीटें दी गई हैं, जबकि अन्य आरक्षित वर्गों को अपेक्षाकृत कम प्रतिनिधित्व मिला है।भीम आर्मी बिहार के नेता अमर ज्योति ने इस पूरे मामले पर सवाल उठाते हुए कहा कि “जब आरक्षण का नियम स्पष्ट है, तो फिर सीटों के वितरण में इतना बड़ा अंतर क्यों है? यह सीधे-सीधे हकमारी का मामला लगता है।” उन्होंने मांग की कि इस भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शी जांच होनी चाहिए और आरक्षण के नियमों का सही तरीके से पालन सुनिश्चित किया जाए।

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